1. जिस प्रोडक्ट का विश्लेषण करना है औ...
3. सेगमेंटेशन (आधार × सेगमेंट)
4. टारगेटिंग (बाज़ार की कशिश × अपनी त...
कशिश ज़्यादा × ताक़त कम
कशिश ज़्यादा × ताक़त काम आती है
कशिश कम × ताक़त कम
कशिश कम × ताक़त काम आती है
6. पोज़िशनिंग मैप (दाम × ख़ासियत)
दाम ज़्यादा × ख़ासियत आम
दाम ज़्यादा × ख़ासियत मज़बूत
दाम कम × ख़ासियत आम
दाम कम × ख़ासियत मज़बूत
7. S — बाज़ार कैसे बाँटा
8. T — निशाना कहाँ है
9. P — किस बात से याद रहें
शुरुआती के लिए ST...
इस्तेमाल: (1) प्र...
जिस बाज़ार को चुना
बाँटने के आधार और...
दिक्कतें और छोड़े...
जो समझ आया और तय ...
विश्लेषण वाला प्रोडक्ट उदा. घर पर बनाई बेकरी की ऑनलाइन बिक्री (एक डिब्बा ₹1,100, महीने के 30 डिब्बे)
अभी बेचने का तरीका उदा. सोशल मीडिया पर तस्वीर डालकर मैसेज से ऑर्डर लेता हूँ। ख़रीदन े वाले ज़्यादातर जान-पहचान के हैं।
जो बात खटक रही है उदा. मैं ख़ुद नहीं बता पाता कि यह किसके लिए बनाया है, और दाम भी बस पास की दुकान जितना रख दिया है।
2. STP के तीन चरण...
S — सेगमेंटेशन
बाज़ार को एक जैसे झुंडों में बाँटना उदा. उम्र, इस्तेमाल का मौका और अहमियत, इन तीन आधारों से बाँटन ा
T — टारगेटिंग
बँटे हुओं में से एक झुंड चुनना उदा. बाज़ार की कशिश और अपनी ताक़त देखकर काम की भेंट पर टिकना
P — पोज़िशनिंग
चुने हुए बाज़ार में अपनी जगह तय करना उदा. जिसकी सामग्री साफ़ दिखे और देते हुए बताने का मन करे, ऐसी बेकरी
A ख़ुद के लिए
B काम की भेंट
C मौके का तोहफ़ा
उम्र
उदा. 20 से 30 की उम्र के नौकरीपेशा। ख़ुद ख़रीदकर ख़ुद खात े हैं
30 से 50 की उम्र। काम के लोगों को देते हैं
40 से ऊपर। जन्मदिन और शगुन पर भेजते हैं
इस्तेमाल का मौका
उदा. रात को घर पर सुस्ताते हुए। एक बार में 1 से 2 टुकड़े
मीटिंग या मुलाक़ात की भेंट। हर बार एक डिब्बा
ख़ास दिन का तोहफ़ा। घर तक पहुँचाते हैं
जिसे अहमियत देते हैं
उदा. दाम जेब के भीतर हो और खाने में भारी न लगे
देते वक़्त बात छिड़े। कई दिन चले
दिखावट और पैकिंग। लेने वाले को बुरा न लगे
縦軸: बाज़ार की कशि...
उदा. मौके का तोहफ़ा (C)। बाज़ार बड़ा है, पर पैकिंग और डिलीवरी में बड़े ब्रांड से नहीं जीत सकता । अभी नहीं चुनते, इंतज़ाम बनने पर दोबारा देखेंगे।
उदा. काम की भेंट (B)। यहीं निशाना लगाते हैं। एक बार में पूरा डिब्बा लेते हैं, और सामग्री की बा त अपने आप चर्चा बन जाती है। और अक्ष भी होते हैं, पर शुरू में ये दो काफ़ी हैं।
उदा. इस बार A, B, C में से कोई यहाँ नहीं आया। ख़ाली रहने दें। यहाँ न उतरने का तय करते हैं, क्य ोंकि यहाँ लगा समय चुने हुए बाज़ार की तैयारी रोक देता है।
उदा. ख़ुद के लिए (A)। एक बार का दाम कम है, पर बार-बार ख़रीदते हैं। काम की भेंट के साथ रख देने भर से काम चलता है।
5. एम्पैथी मैप (ग...
पर्सोना (खाने 4 में चुने बाज़ार का एक व्यक्ति)…
सोच और भाव
मन में जो चल रहा है उदा. आम-सी मिठाई से कोई मुझ े याद नहीं रखेगा
जो सुनता है
आस-पास से कानों तक आने वाली बातें उदा. साथी कहता है कि वह भें ट सबको पसंद आई
जो पाना है
जो नतीजा चाहिए (खाने 3 की अ हमियत को उसी की भाषा में) उदा. पसंद अच्छी है, यह सुनक र अगली बात आसान करनी है
कहना और करना
जो सचमुच कहता और करता है उदा. मुलाक़ात से एक दिन पहल े बाज़ार में जल्दबाज़ी में ख़रीदता है
तकलीफ़
जो उसे अखरता है और जिससे बच ना चाहता है उदा. सब एक जैसे दिखते हैं, चुनाव सिर्फ़ दाम से करना प…
जो दिखता है
आस-पास का माहौल और नज़ारा उदा. बाज़ार की शेल्फ़ पर एक जैसे डिब्बों की क़तार
縦軸: दाम (ऊपर = मह...
उदा. बाज़ार की नामी बेकरी। ब्रांड और जगह की वजह से महँगी है। उसी मैदान में उतरकर नहीं जीत सकते , इसलिए यह जगह नहीं चुनते।
उदा. हम यहीं निशाना लगाते हैं। दाम बढ़ाकर एक डिब्बा ₹1,400 करते हैं और सामग्री कहाँ से आई, यह लिखा कार्ड साथ रखते हैं।
उदा. सुपरमार्केट की बेकरी, एक डिब्बा ₹450। दाम की होड़ में टिका नहीं जा सकता, इसलिए इस जगह पर नहीं उतरते।
उदा. ऑनलाइन बिकने वाली छोटी दुकानें। सामग्री अच्छी पर दाम कम। अभी हम यहीं हैं। दाम बढ़ाने की व जह खाने 9 के वाक्य से बनती है।
आधार हैं उम्र, इस्तेमाल का मौका और जिसे अहमियत देते हैं
उदा. ख़ुद के लिए, काम की भेंट और मौके का तोहफ़ा, ऐसे तीन हिस्स े किए
ख़रीदने की वजह बदले तो वह अलग झुंड है
उलझन हो तो ख़रीदने के मौके से बाँटना कम चूकता है
उदा. काम की भेंट (30 से 50 की उम्र, काम के लोगों को देने वाले) पर निशाना
वजह: एक बार में पूरा डिब्बा लेते हैं और सामग्री की बात आसानी स े पहुँचती है
जो बाज़ार नहीं चुने, उन्हें भी वजह के साथ रहने दें
निशाना एक ही रखें। दो चुनने पर कोशिशें बिखर जाती हैं
उदा. जिसकी सामग्री साफ़ दिखे और देते हुए बताने का मन करे, ऐसी बेकरी
दाम: एक डिब्बा ₹1,400। सस्ते की होड़ में नहीं उतरना तय
उदा. खाने 5 की तकलीफ़ और जो पाना है, वहाँ से शब्द उठाकर प्रोडक ्ट कार्ड और सोशल मीडिया पर रखें
तीन महीने बाद देखें कि यही वाक्य जस का तस पहुँचा या नहीं
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